आज व्यक्ति और समाज
दु:ख के घनघोर अंधेरों में है ।
कहीं दु:ष्कर्म है
तो कहीं लूटपाट है ।
कहीं हिंसा है
तो कहीं मान _अपमान है ।
कहीं जात _ प read more >>
लगता है निराश हो गया है,
कुछ तो वजह होगी?
खैर छोड़ो कोई बात नहीं।
लगता है कुछ ज्यादा ही,
मगरुर हो, नहीं तो,
तुम्हें भी पत्ता होता,
अब क्या read more >>