#बहर:_2122
#काफिया:_जल/चल
#रदीफ:_रहा है।
#मिसरा:_दीप सा मन,
जल रहा है।
ताप सब घर,
जल रहा है।
कर्म ही तो,
फल रहा है।
प्रेम ही अब,
हल रहा है।
नाम read more >>
अधरों तक ही रह गई, दिल की वह मधु बात।
करने से पहले वफा, करदी जानम रात।।
अधरों तक ही रह गई,हुस्न परी का प्यार।
किसी और की हो गई,हम से कर तकर read more >>
धीरे धीरे ही सही, आओ मेरे पास।
मुझको बहु दरकार है, पूरी कर दे आस।।
पूरी कर दे आस,खुशी जीवन में भर दे।
पा लूं मंजिल खास,गुनाहों से अब डर दे� read more >>