इक शब्द है जाम के नाम, जिसके संग खुशी मिले तमाम, जो इसका प्रेमी है उसको यह तो भाता है, जो इसका है दुश्मन उसको यह दुर भागाता है,जाने अंजाने � read more >>
पत्थर को भी बोलने पर मजबूर कर दू, पेड़ को छू कर भी उसका दर्द दूर कर दू. ऐसा हुनर दिया है मेरे राम ने, कि घमण्डी को देखकर भी उसका घमण्ड चुर कर � read more >>
ललचाई आखों से जिस दिन से तुमको देखा है, उस दिन से मेरी जुबा पर बस तेरे नाम की रेखा है, ना भूख लगे ना प्यास लगे ख्वाबो में तुझको निरेखा है, � read more >>