तर्ज़=>
बंसी बजी हो मधुवन मे,जो जिया नैया मोरे बस मे
लल्ला जन्म लये हो आँगन मे,देखे बिना जी नैया बस में
बस मे हतो री,अब नैया मोरे बस मे� read more >>
तर्ज=>
शीशे का था दिल मेरा हाय,पत्थर का जमाना था दिल टूट गया
जिनका हाथ में हाथ था हाय,मुझे कुछ सिखाना था साथ टूट गया!
(नाम) तुमने भला ह� read more >>