ईश्वर ने ये कैसा घटना चक्र रचा।
नियति की गोद में क्या पल रहा।
क्या कहॉ?....
एक कुमारी कन्या ने सुत जना
समाज के भय से बो कुछ ऐसी थी अकुलाई
भ read more >>
ये आज कल की कच्ची उम्रों के प्यार भी न...
जरा सी बात पर जाँ देने पर उतर आते है।
जरा उन माँ-बाप का भी ख्याल रखा करो
जो मन्नतो में मांग कर तुम� read more >>
आज ये मौषम इतना नम क्यों है।
कहि आज फिर उसकी आँखे तो नही रोइ है।
और खुले आशमा में ये काली घटा छाई है।
लगता है आज उसे फिर मेरी याद में नीं� read more >>
गर मिला है हुस्न तो उसकी हिफाजत करो।
यु बेमतलव न सराफत का इम्तेहान लो
बड़ी मुश्किल से रोक रखा है खुद को
यु बेमतलब न बुझी आग को हवा दो।
@bab read more >>
सब डाल रहे है। अपने पिता जी के साथ तशवीरे कई।
मेरी आपने पिता जी के सामने खड़े होने की हिम्मत न हुई।
करते है प्यार वो भी बहुत पर कभी जताया � read more >>