Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें

अशोक दीप

अशोक दीप

अशोक दीप

@ ashok-deep
, Rajasthan

नाम अशोक दीप पिता- श्री घीसा राम माता- श्रीमती दाखली देवी जन्मतिथि- 01-07-1978 शिक्षा- एम.ए., बी. एड लेखन भाषा- हिंदी व राजस्थानी काव्य संग्रह 1 ओ मेरी साँसों के दीप 2 क्यों आँसू लिखते रहते हो 3 नदी एक जो रेतां रलगी मधुमती, जगतीजोत, विकल्प, प्रेरणा, दृष्टिकोण, गवरजा, इंदौर समाचार, साहित्य दर्पण इत्यादि में निरंतर रचना प्रकाशन आकाशवाणी जयपुर से काव्यपाठ Read less

  • Followers:
    3
  • Following:
    1
  • Total Articles:
    26
Share on:

My Articles

वह मेरा संसार नहीं है । जहाँ हँसे बिन दिन ढल जाए । रात आँसुओं में गल जाए । टूट गिरें तारे यह कहकर, नील गगन में प्यार नहीं है । वह मेरा… read more >>
तुझ बिन मेरा ठाँव कहाँ है तुझ बिन मेरा ठाँव कहाँ है ? अनजाना पथ धूल धुआँ है भटकाने को रात जवां है देख मुझे बाँहों में भर ले ऐसा read more >>
1 जहाँ टपका दुखी आँसू, वहाँ घायल हुआ शिक्षक । जहाँ टूटा सपन कोई, वहाँ पागल हुआ शिक्षक । दुखों की राह में जग को, अकेला छोड़ता है कब- जहाँ दे� read more >>
ओ मेरी साँसों के दीप ! विश्व सदन की जोती बनकर जले सदा तू तारों बीच । है बस जीवन साध यही अब ओ मेरी साँसों के दीप ! चंद्र-कलश � read more >>
कैसे कहदूँ प्यार नहीं है ? वह मेरी झंकार नहीं है ? बिन बाती क्या दीप जला है ? कहीं रेत बिन बीज फला है ? कैसा सागर नदी नहीं तो जलद क� read more >>
सुनो कान्हा ! तुम्हारे बिन,कहाँ जग में ठिकाना है ? ठिकाना ढूँढना जग में, स्वयं को खुद मिटाना है । रहेगी जब तलक अबतो, हवा इस पाहुने घट मे� read more >>

My Videos

Join Us: