संकट के प्रकार रोगी से ज्यादा सगे संबंधी उसकी सेहत के लिए होते हैं दुखी, रोटी कपड़ा मकान, परिवार को ना दे पाने वाला होता है दुखी, जवान बे� read more >>
राधे जिसके दिल में बसते, उसके दुःख संकट हरते, धनी एक दिन व्रत रखते, गरीब ना जाने वर्ष में कितने ही व्रत रखते, राधे गरीब को अमीर क्यों नहीं read more >>
इंसान किसी की मजबूरी नहीं समझता, बस वादा पूरा ना करने वाले को झूठा कहता, खुद क्या कोई इंसान सारे वायदे पूरे करता, अपने को मजबूर समझ कर कभ� read more >>
कर्मों का फल भुगतना पड़ता है, खेती करने से अन्न उगता है, जवानी में आराम करने वाला भूखा रहता है, चोर अपमान सहता है, इंसान फिर भी बुरे कर्म � read more >>
कुछ करने की जब थी ख्वाहिश, दुनिया ने ना समझा, जब हमें किसी लायक, कुछ बड़ा करने की जब थी ख्वाहिश, सामने खोदी जब इस दुनिया ने हमारे गहरी खाई� read more >>
खुशियां साथ लाता, निश्चित मौत को भी दूर भागता, धन की कदर करने वाला जीवन में सुख आनंद पाता, सोने चांदी की थाली में खाता, अपनी तंदुरुस्ती ब� read more >>
मुझे ऐसा क्यों बनाया, अपने और गैरो के दुख दर्द को मुझे बर्दाश्त करना क्यों नहीं सिखाया, भूखे को रोटी और मदद की आस रखने वाले के लिए कुछ कर� read more >>
यह दुख किसी को ना देना, बहन परमात्मा सबको देना, बहन की रक्षा का परण हम सबको है लेना, आजादी से घूमेंगी हम सबकी प्यारी बहना, सारे भाइयों का � read more >>
पछतावा देता है, ज्यादा दुख, किसी को दुख देना है, काम फिजूल किसी को दुख देकर पछतावा होगा जरूर, क्रोध में टूट जाते है, महापुरुषों के भी जीवन read more >>