Anilkumar Rathwa (Sameer) 21 Sep 2025 कविताएँ समाजिक शतरंज और जीवन 15033 1 5 Hindi :: हिंदी
हर मोहरे की अपनी पहचान, जैसे जीवन में हर इंसान। प्यादा भी यदि मंज़िल पाए, तो रानी बन शक्ति दिखाए। चलते समय सोचो हर बार, जल्दबाज़ी कर देगी हार। धैर्य रखो, मत घबराओ, सही समय पर कदम बढ़ाओ। कभी-कभी करना पड़ता त्याग, तभी खुलता जीत का मार्ग। रखना संतुलन बचाव और वार, यही है जीवन का सच्चा सार। राजा की रक्षा सबसे ज़रूरी, जैसे जीवन की प्राथमिकता पूरी। हार भी सिखाए जीत का मोल, गिरकर उठना ही है असली रोल। शतरंज सिखाता एक ही बात, सोच-समझकर करो हर जात। जीवन भी है खेल महान, धैर्य, बुद्धि और विश्वास की पहचान।
8 months ago