बेरोजगारी - Anjani pandey (sahab)

बेरोजगारी     Anjani pandey (sahab)     कविताएँ     अन्य     2022-08-14 18:11:58     बेरोजगार युवक और नया साल     5139           

बेरोजगारी

               बीतते हुए साल में 
                         महामारी और रंजिशो के हाल में
रिश्तों की टूटती डोर को
                     आओ मजबूत करे इस नए साल में
आशाओं जिम्मेदारियों से भरा जीवन
                     कुछ बड़ा करना है इस साल में
यूं बीतने न देना इस साल को
               एक संकल्प लो आज की साम
बेरोजगार नहीं रहना है हमें इस नए साल
में..
                 (नववर्ष की हार्दिक बधाई और ढेर
सारी शुभकामनाएं)
                       अंजनी पांडेय (साहब)

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