जब जब पड़े कलम के निशान कागज पर ,
सिमट कर आ गया सारा जहान कागज पर,
जमाने वाले मेरे जाने के बाद मुझे समझेंगे ,
छोड़ जाऊंगा अपनी जुबान कागज � read more >>
//...तस्वीर…//
एक आईना ,
जो जैसा दिखता
वैसा ही ,
तस्वीर बनाता सबकी…!
मगर ,
जब टूट जाता है
तब ,
नहीं बना पाता
खुद अपनी….!
चिन्ता नेताम &rd read more >>
जिंदगी के पन्ने पलटते चले गए
आग के दरिया में धंसते चले गए,
किस्मत ने बार-बार चोट की,
फिर भी संभलते चले गए,
तक़दीर ने ऐसा मारा,
सब सहन करत� read more >>
उसका नाम रतन था, लोग उसे काबुलीवाला, इसलिए कहते थे, कि उसके मासूम दिल में, सबके लिए प्रेम था, और उसने एक दिन_ अपनी जाने निछावर कर दी_ यह दर् read more >>
उस दिन को हम कभी भी नहीं भुला सकते_ वह एक सांड था, जो दिखने में बहुत ही खतरनाक था_ लेकिन उसके दिल में प्रेम था_ हमारे भावनाओं को समझता था_ य� read more >>