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दुःखद
शिकायत क्या करे किसी से
शिकायत क्या करें किसी से, तकदीर ही जब ऐसी है, जो चाहा वो मिला नहीं, किस्मत ही कुछ ऐसी है।
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बो प्यास अभी बाकी है
अभी इंतज़ार तेरा बाकी है जो सकूँ दे सके मेरी आँखों को बो प्यास अभी बाकी है पूरा सहर खामोश है खामोसियों में तुझ से मिलने को आश अभी ब�
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ज़िंदगी
सोचा ना था, कि ज़िन्दगी में ऐसे भी फसाने होंगे, रोना भी पड़ेगा और आंसू भी छिपाने होंगे ।
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बुढ़ापे में माता-पिता का सम्मान करें
बचपन में जिन्होंने हर दर्द सह के अपने बच्चों को खुशी से पाला फिर क्यों बड़े होने पर तुम्हारा दिल इतना काला जिन्होंने तुम्हें हर परिस्�
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ना जाने कितने इम्तिहान ले रही जिंदगी
ना जाने कितने इम्तिहान ले रही जिंदगी,बस परीक्षा देते जा रहे है फेल‌ हो या पास, मंजिल मिले या ना मिले चले जा रहें हैं।
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गरीबों के सपने अधूरे रह जाते हैं
गरीबों के सपने अधूरे रह जाते हैं, पैसों के बिना कुछ मिलता नहीं, पढ़ाई में भी पीछे रह जाते हैं, हर अरमां सपना अधूरे रह जाते हैं।
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अब रुक सा गया हूं
सब कुछ थम सा गया है, जिंदगी में, लड़ते लड़ते थक सा गया हूं, बस हार मान गया था, पर अब रुक सा गया हूं!!
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ख्वाइश भी आखिरी सांसे ले रही है
गुमसुम सी अनजान रास्ते में खो गया हूं, ना मेरा कोई पता, ना कोई ठिकाना, मंजिल थी, अब तो ख्वाइश भी आखिरी सांसे ले रही है।
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नाराज मत होना जिंदगी
नाराज मत होना जिंदगी, बहुत से गम देखना अभी बाकी है, अभी तो शुरुआत है, अंत देखना अभी बाकी है।
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खिलौनों से खेलने वाला इंसान
खिलौनों से खेलने वाला इंसान, खिलौने की तरह बन गया है, तूने खुद को समझाया ही नहीं, सच है ये कि खिलौना बेजान है, अभी भी जाग जा तू इंसान हैं,
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विधवा विरह
यह रूप मेरा है ऐसा प्रिय तुम्हें दिखा न् सकती हूँ। मेरे मन की पीड़ा प्रिय मैं तुम्हें सुना न् सकती हूँ।। फीके पड़ गए रंग मेंहदी के इसे स�
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निर्माण नीड़ों का
कर निर्माण नीड़ो का और कहीं/ पतझड़ का मोसम जो बीत गया, पत्तों का रंग तो सूख गया, अंधेरों का कल में सोर नहीं, कर निर्माण नीड़ो �
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