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ਗ਼ਜ਼ਲ
ਗ਼ਜ਼ਲ ਬਹਾਰ-ਏ-ਗੁਲਸ਼ਨ ਹੈ ਮਗਰ ਨਿਰਾਸ਼ ਬੈਠੀ ਹੈ ਚਮਨ ਅੰਦਰ ਵੀ ਬੁਲਬੁਲ ਉਦਾਸ ਬੈਠੀ ਹੈ ਕਿਸੇ ਪਿੰਜਰੇ ਚ ਫਸੇ ਹੋਏ ਮਾਸੂਮ ਪੰਛੀ ਵਾਂਗ ਲੈ ਕੇ ਦਿਲ ਚ ਵਿਰ�
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अनाथ और बेसहारा- उस मासूम का दर्द जो सड़क किनारे फुटपाथ जीवन जी रहा है
अनाथ और बेसहारा उस मासूम का दर्द जो सड़क किनारे फुटपाथ पर जीवन जी रहा है खाना मांगू तो सबको,चोर नजर आता हूं। पैसे मांगू तो हरमखोर,नजर
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किस्मत की मार
किस्मत की मार से बचा नहीं जाता, तकदीर जब मारती हैं चोट उससे छिपा नही जाता,समय कब बदल जाए कुछ पता नहीं होता।
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जो लिखा है नसीब में होना वो ही हैं
जो लिखा है नसीब में होना वहीं हैं, किस्मत का लिखा मिटता नहीं, तकदीर किसी की कोई बदलता नहीं।
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शिकायत क्या करे किसी से
शिकायत क्या करें किसी से, तकदीर ही जब ऐसी है, जो चाहा वो मिला नहीं, किस्मत ही कुछ ऐसी है।
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बो प्यास अभी बाकी है
अभी इंतज़ार तेरा बाकी है जो सकूँ दे सके मेरी आँखों को बो प्यास अभी बाकी है पूरा सहर खामोश है खामोसियों में तुझ से मिलने को आश अभी ब�
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ज़िंदगी
सोचा ना था, कि ज़िन्दगी में ऐसे भी फसाने होंगे, रोना भी पड़ेगा और आंसू भी छिपाने होंगे ।
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बुढ़ापे में माता-पिता का सम्मान करें
बचपन में जिन्होंने हर दर्द सह के अपने बच्चों को खुशी से पाला फिर क्यों बड़े होने पर तुम्हारा दिल इतना काला जिन्होंने तुम्हें हर परिस्�
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ना जाने कितने इम्तिहान ले रही जिंदगी
ना जाने कितने इम्तिहान ले रही जिंदगी,बस परीक्षा देते जा रहे है फेल‌ हो या पास, मंजिल मिले या ना मिले चले जा रहें हैं।
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गरीबों के सपने अधूरे रह जाते हैं
गरीबों के सपने अधूरे रह जाते हैं, पैसों के बिना कुछ मिलता नहीं, पढ़ाई में भी पीछे रह जाते हैं, हर अरमां सपना अधूरे रह जाते हैं।
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अब रुक सा गया हूं
सब कुछ थम सा गया है, जिंदगी में, लड़ते लड़ते थक सा गया हूं, बस हार मान गया था, पर अब रुक सा गया हूं!!
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ख्वाइश भी आखिरी सांसे ले रही है
गुमसुम सी अनजान रास्ते में खो गया हूं, ना मेरा कोई पता, ना कोई ठिकाना, मंजिल थी, अब तो ख्वाइश भी आखिरी सांसे ले रही है।
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