बार बार कलम उठाई सोचा की कैसे लिखू,
लिखना चाहा ज़ब एक माँ हाल
कलम चली पर लफ्ज़ ना मिले
कहा से सुरु करू क्या क्या मै लिखू,
भ्रूण हत्या के ना� read more >>
तू खोया है कहा , तू बोल तो सही
जिंदगी बीत जाएगी !
हर लम्हा बीत जाएगी,
हर मुकाम बीत जाएंगी,
हर सादगी बीत जाएगी,
तू खोया है कहा , तू बोल तो सह� read more >>
किसी ने क्या खुब कहा है जब तक कडकती धुप से हमारे पाव ना जले तब तक हम आपने कदम छाया कि ओर जल्दी जल्दी नही बढाते हैं, ठीक उसी प्रकार जब तक जि� read more >>