( ग़लती चाहे किसी की भी हो, लेकिन अधिकतर समाज के व्यंग्य बाण एक लड़की को ही झेलने पड़ते हैं। एक लड़की के हृदय की कुछ बातों पर प्रकाश डालने की � read more >>
हाय हाय यह महामारी ,ना पैसा ना रोजगारी
यह वायरस जब से आया, हम सब पर कहर है ढाया
बंद पड़े हैं मंदिर मस्जिद, बंद पड़े विद्यालय
घर पर रहकर व� read more >>
अपनों कों ढूँढतें ढूँढतें अपनों में कही खो ना जाना ,
खुद का भी तुम थोडा ख्याल रखना !
दूसरों से बहुत हो गया हो मिलना,मिलाना
तो खुद से भी अ� read more >>