[email protected]
Join Us:
Home
Category
कहानियाँ
कविताएँ
ग़ज़ल
गीत
शायरी
आलेख
महत्वपूर्ण सूचनाएँ
Topic
धार्मिक
राजनितिक
प्यार-महोब्बत
हास्य-व्यंग
बाल-साहित्य
समाजिक
देश-प्रेम
दुःखद
साहित्य लाइव सूचनाएँ
अन्य
Videos
Others
Search Articles
Latest Updates
Popular Articles
Testimonials
Video Tutorials
Winner List
How to publish articles
My Account
Login
Register New Account
Forgot Password
Login
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक
20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका
साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस
साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें
समाजिक
Home
Sub-Categories
समाजिक
कभी हार नहीं होती
खिलखिलाती चेहरे से बेहतर कुछ और नहीं होती, मेहनत करनी वालों की कभी हार नहीं होती।
read more >>
मंजिल
रास्ते तो लोग बता सकते है लेकिन मंजिल तुम्हे खुद की मेहनत और जुनून से ही मिलेगी.....
read more >>
क्या जरूरी है
क्या जरूरी है आज के जमाने में क्या जरूरी है किसकी सुना जाए खुद की या दुनिया वालो की खुद की करू तो दुनियां धिक्कारे और दुनियां की सूनू
read more >>
जिक्र गमों का
जिक्र जब गमों का हो तो अपने लबों को खामोश रखना, क्यूंकि यहां लोग मदद कम तमाशा ज्यादा करते हैं.........
read more >>
ये मेरा हक है
बड़े प्यार से, मां के गोद में, बैठे बैठे पूछा गीले बिस्तर पर क्यों सोती मुझे सुलाती सूखा तीखा तीखा लात मरता तुझको लगता मीठा खाना खाती म
read more >>
व्यापार
कहीं थम गई सांसे कहीं कोई बर्बाद हुआ कहीं जीवन पूरा ठहर गया कहीं कोई आबाद हुआ !! कहीं मांग का सिंदूर मिटा कहीं आँखो का टूटा तारा कहीं �
read more >>
जिस्म थे,नुमाइश थी,दिखावट थी सब ओर
जिस्म थे नुमाइश थी दिखावट थी सब ओर असल चीज गायब थी बनावट थी सब और खानदान ही खानदान के खून का प्यासा था रोजी रोटी के झगड़े थे अदावत थी स�
read more >>
कविता, घर जा रहे प्रवासी।
घर जा रहे प्रवासी। कितने भुखे और प्यासे। इतना पैदल चल रहे हो। की पाँव में पड़ गये छाले। वेग और झोला हाथ मे। छोटे बच्चों को लेकर माँ।
read more >>
जैसी करनी वैसी भरनी
किसी को रुला कर भला कैसे खुश रह पाओगे हकीकत यही है जैसा बोओगे वैसा ही पाओगे
read more >>
मनुष्य एक है
🌺 मनुष्य एक है🌼 ब्राह्मण हो या शुद्र जन्म तुम्हारा एक है अच्छे कर्म कर मिलने वाला तुझे स्वर्ग है चंदन हो या कोई सामान्य वृक्ष की लकड�
read more >>
इंसानों के खूंखार चेहरों से डरते हैं अब
इंसानों के खूंखार चेहरों से डरते हैं अब जमीन पे फरिश्ते भी कम उतरते हैं अब उखड़ी सड़कों पर कभी निकलकर देखो कुत्ते बिल्ली की तरह लोग म
read more >>
rooh kabj kro,hatheli par jan ko utaro
रूह कब्ज करो,हथेली पे जान को उतारो रू ए जमीं पर कभी आसमान को उतारो हम अर्जी देकर थक चुके हैं अब तो कभी नक्शे कागज पर हमारे मकान को उतार�
read more >>
« Previous
Next »
Showing
5485
to
5496
of
5691
results
‹
1
2
...
455
456
457
458
459
460
461
...
474
475
›
Join Us:
© 2026 |
Sahity Live
®
| All Right Reserved.
A product of
DishaLive™ Group
| Digital Partner:
MyDL.in Website Builder