बोया था मिट्टी में बीज
यह सोचकर, पेड़ बनेगा |
छाया देगा जीव जंतु को ,
फल भी सारा ढेर लगेगा ||
रोज देखता कब निकलेगा ,
नन्ना मुन्ना अंग सलोन� read more >>
खींच खींच ले मन को जाते
मीत मनोहर वे बन जाते ,
उमड़- घुमड़ कर आगे पीछे
उड़ते बादल कहां को जाते |
कुछ नाचते खुशी मनाते
कुछ के आंसू झर झर जा read more >>