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मुझे ख़ामोश रहना पसंद है क्योकि.... सुनते यहाँ सब, समझता कोई नहीं लोग तो बहुत है मेरे पास पर है मुसाफिर से, हमसफ़र सा कोई नही.... read more >>
मन डूबा मेरा पतझड़ की शाम में दिल डूबा मेरा पतझड़ की शाम में/ करूँ गुडगान तुम्हारा पतझड़ कलरव की आन में करूँ स्मरण तुम्हारा पतझड़ read more >>
बेटी बनकर आई हूं मां बाप के जीवन में, कल बसेरा होगा मेरा किसी और के आंगन में। यही रीत हर बेटी को सिखाई जाती है, कि हर पहलू तेरे जीवन का बस� read more >>
धोखा देने में लगा था खुद को, मैं उसे कैद करना चाहता था, जिसके पर नही, पर उड़ान बड़ी तेज है!! read more >>
काश! समंदर के बीच कहीं खो जाता, ना किनारे की उम्मीद ना मंजिल की, बस लहरें जहां ले जाए वही चलता जाता, आश जैसे खत्म हो गई, वैसी ये घड़ी आई है , read more >>
पिली साड़ी बाली नखरे खूब दिखाती हैं सारि सारि रात जगाती हैं अपने हुस्न के जादू से मुझपे रौब खूब जमाती हैं पिली साड़ी बाली थोड़ी नखरेल read more >>
धान उगेंगे मेघ गरजेंगे देखना गगन तुम जरूर/ बादलो को सूरज से पिघलाएंगे खेतो को पानी से नहलाएंगे, धान उगेंगे मेघ गरजेंगे देखना गगन तु read more >>
गहरी अंधेरी रात के बाद, सुहानी भोर आती है जेष्ठ की तपिश के बाद, घटाएं घनघोर छाती हैं 'यह भी नहीं रहेगा' का भाव, दुःख का दुःख भुलाता है तू� read more >>
कुछ संकल्प नया, कुछ प्रकल्प नया तब अफसोस न होगा कि एक साल गया बीते साल कि कुछ गलतियां, या कुछ गलतफहमियां भुला दूं भीतर में जमीं वहमिया read more >>
वक्त यूं ही गुजर रहा कुछ पता ही नहीं चल रहा ज़िन्दगी जी रहे हैं या ढ़ो रहे हैं जाग रहें हैं या खुली आंखों से सो रहे हैं कुछ पा भी रहे हैं read more >>
दोस्तों साथियों----------- हम कहाँ चलें गए,तुम कहाँ चलें गए रास्ते क्यूँ बदल गए,मिलने को क्यूँ तरस गए । दोस्तों साथिय� read more >>
ज़िद, छोटा सा शब्द पर ठान लो तो दुनिया हिला दे या सब कुछ मिट्टी में मिला दें सपनों को हकीकत का जामा पहनाती है ज़िद दुर्गम राहों को पार � read more >>
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