Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें
किस बात का नया साल मना लूं क्या छोड़ो बुझते दीपकओ को और नया दीप जला लूं मुझे तो इस धरती अंबर जलवायु में कोई फर्क नहीं दिखता दिखता तो म� read more >>
मानव तन के दो रूप, प्रथम देह का- अंत। दूजा है प्राण- अनंत, पल दो पल का साथ।। मानव देह गुण अनेक, स्वयं का ज्ञान मूल। अंत से अविनाशी तक, वि� read more >>
एक नजर जो पड़ी उन पर तो ये नजर भी रुक गयी । उसने एक बात तलक न बोली पर दिल में डायरी छप गयी। वो दिखाना चाहते थे हमे अपना गुस्से से लाल चेहरा � read more >>
खुश नहीं ,बेख़ौफ है । ये अभी जिंदगीं, की उडानों मैं इसे मिला है। अभी तो खुला आसमान अभी रखे कहाँ है। पाव जमीं पे देखे है ख्वाब अभी तो ।� read more >>
तर्ज=>झिलमिल सितारों का आॕगन होगा प्रभु के खेल में गिलरिया होगी! प्रभु की जो लीला में पथरिया होगी!! ऐसी सुन्दर दिखने की नजरिया होगी!! read more >>
तर्ज=>झिलमिल सितारों का आॕगन होगा प्रभु के खेल में गिलरिया होगी! प्रभु की जो लीला में पथरिया होगी!! ऐसी सुन्दर दिखने की नजरिया होगी!! read more >>
यादें तुम्हारी खुशबू बिखरे तन्हाई की हर आलम में, भुल गए तुम हम न भूलें के तुम हो सामिल हरपल हमारी सासों में read more >>
तुम्हे चाहा है इस कदर के किसी और की चाहत न होगी , भले तुम हमसे नाराज़ भी रहो मोहब्बत की उम्मीद बस तुमसे ही होगी। read more >>
कहीं दीया जले कहीं दिल इए तो अपनी अपनी किस्मत है, खुदा जाने कब क्या हो यहां यहां तो वस उनकी ही रहमत है । read more >>
पत्थरों की सिने से कभी नदी भी बहती है सुना तो था, लेकिन यहां तो कोमल भी कातिल और पत्थर से भी कठिन हमें इन्सान नजर आते हैं। read more >>
श्रम का प्रकाश था मनुष्य का अहंकार था इस धुंध जगत में श्रम का आलोक था काल बीत जाएंगे जन उदीसी रह जाएंगे फुर्सत को किसी ने नहीं पहचाना read more >>
कहानी- "अनोखा बैर" लेखक- जितेन्द्र शर्मा ●●● गोवर्धन चौधरी और बालकिशन मिश्र एक दूसरे के जन्मजात पड़ोसी थे। एक दूसरे के सुख-दुख में read more >>
Join Us: