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परिदे घर से निकले हैं,
ढूढने नए से निकलें हैं,
अपने झुझ के बीच में,
ढूढने अपना अभिमान,
थके हारे लगे रहते हैं,
पाने पूरा आसमां को read more >>
ये फिजायें कह‌ रहीं कुछ
इनसे भी कुछ सीख लो।
दिल को गम से दूर कर दो
प्यार करना सीख लो।
ऐसा कोई काम कर तू
हर कोई सागिर्द हो।
हर किसी के read more >>