जाने क्यों कुरेधती हैं मन की मलाल,
जो बीत गया हैं दौर ,
जाने वो कौन सा दिन होगा,
जिसमें भूल जाए वो दौर,
आसान नहीं पर नामुमकिन भी नहीं,
थोड read more >>
यह यह कविता अर्जुन शर्मा के द्वारा लिखी गई हैं अगर इसमें कोई भ्रम फैलाने वाले शब्द हो तथा कोई गलत शब्द हो या कोई गलत लाइन लिखी गई हो तो क� read more >>
आज के समय में गरीबी और अमीर कि खाई इतनी बढ़ चुकी है। कि गरीब और गरीब होता जा रहा है। और अमीर और अमीर होता जा रहा है। गरीबी का अर्थ है। कि स� read more >>
नव - युग के नौजवानों बदल दो ये जमाना ,
इस युग का सृजन करना फर्ज है तुम्हारा
जमाना है महाभारत का तू कृष्ण की मूरत बन जा,
गली - गली में हैं च� read more >>