Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें
दुपहरिया- पर कविता तमतमाती चमक लपलपाती लपक लू की गर्म हवाएं बहती दायें बायें छांव भी गर्म पांव भी नर्म जल उठते थे नंगे जब चल� read more >>
प्रकृति के पंचांग में, शरद ऋतु है ख़ास। शुरू होते ही लगाते, अपने-अपने कयास। सजने- संवरने बैठती, लगते कार्तिक मास। धीरे-धीरे खुदरंग मे� read more >>
प्रकृति के पंचांग में, शरद ऋतु है ख़ास। शुरू होते ही लगाते, अपने-अपने कयास। सजने- संवरने बैठती, लगते कार्तिक मास। धीरे-धीरे खुदरंग मे� read more >>
मन की- तृष्णा तड़पती प्यासी, भटकती सारे जहां में हर कुंभ में- छलकता अमृत की धारा बेगाना- खोजता संसार कूप में -मोती read more >>
प्रेम हृदय की- उपासना है जिसका संबंध, निज स्वरूप या ईश्वर से है प्रेम की- इस धारा में, जो डूबा सो पार संसार का प्रेम-प्रेम- की प्रतिछा read more >>
सिन्दूर पर कविता सिन्दूर के नाम पर क्यों? नारी बंध सी जाती है, अबला बन जाती है तड़प तड़प कर जिंदा ही, मर सी जाती है। सिन्दूर के लज्जा read more >>
मैं पूछती हूँ आपसे क्यूँ मुझे ऐसा लगता है, जब भी देखती हूँ उसको पुराना रिश्ता सा लगता है, उसे पाने के लिए रब पर भरोसा है पूरा यकीन होता read more >>
कितना भी कठिन कार्य क्यूँ न हो भगवान भरोसा करके तो देखो, डटे रहो मुकाम पर सफलता जरूर मिलेगी थोड़ा इंतजार करके तो देखो। read more >>
किसी की पहचान उसकी सोच से होती है।। 2।। जिसकी नियत सही उसको जन्नत मिलती है। read more >>
स्वर्ग -कविता स्वर्ग कहीं ना और, बसा खुद के अंतर में खोज रहे दिन- रात जिसे हम उस अम्बर में सुख ही है वह स्वर्ग जिसे हम � read more >>
जब भी मैं अकेला बैठता हूँ तो, याद आता है मुझे अपना बीता हुआ कल.. जो झंगझोर कर रख देता है मेरा सम्पूर्ण अस्तित्व.. और डुबो देता है मुझे दु� read more >>
ये कुछ शब्द नहीं, मेरी भावनाएं हैं। यह मन में उठती गिरती,लहरों भाँती होती हैं। उकेर देती कभी कभी, गहरी मन की मलाल को। कभी-कभी प्रसन्न क� read more >>
Join Us: