थे फैसले सारे । खुदा के तो
ये कैसे हुआ ?
उठा कैसे दिल में. मुहोबत का घुआँ ,।
हाँ ।ये...... ?
तुझे छु के यो बिजली सी दौड़ गई
सारे बदन मे,......
बद� read more >>
कविता = ( भगवान )
आत्मा ही परमात्मा !
फिर भी ढूंढ़ें भगवान !!
पत्थरों में तराश रहा !
रोज़ नए भगवान !!
आत्मा की बददुआ !
न खाली जाए वार !!
आत्मा � read more >>
कविता = ( किरदार )
एक पर्दा है संसार !
हम सब हैं एक किरदार !!
अदाकार की अदाकारी !
देख रहा वो बैठा पार !!
ख़त्म न होती यहाँ कहानी !
बस बदलते हैं क read more >>
गलत हूं मैं या सही हूं....मैं
तुम मुझे बता दिया......करो..!!
दोहराया ना जा सके गलतियां
इसलिए हो सके तो सज़ा दिया..करो..!
क्या हैं चेहरा मेर� read more >>