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कसा वावरू मी ह्या जेगात
कशा या जगात मी वावरतोय .. आयुष्याबद्दल माझा अनुमान साक्षात जाणवतोय, ही जाणीव उल्लेखनीय आहे. वैयक्तिकरित्या मात्र सवेदना गोठवणारी आ�
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प्यार क्या गजब होती हैं
इश्क़ की कोई बजह होती हैं प्यार क्या गजब होती हैं जब से देखा हैं सुना हैं तुझे सायद मोहब्बत तेरे जैसी ही होती हैं सच में तू मन मोहती �
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सोचो अगर ऐसा होता
अगर ऐसा होता तो सोचो कैसा होता तू तू ना होती मैं मैं ना होता तू मैं मैं तू होता तो सोचो तू साथ होता पास होता सोचो कैसा एह्शाश होता अ
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ख़ुशी के गीत गुनगुनाते रहो
समां जलाये रहो ख़ुशी के गीत गुनगुनाते रहो गम आए जाये सदा मुस्कुराते रहो दिन सा ढल जायेगा ये भी करवा बस महेशा सर उठा के जिओ रंग र�
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मैंने देखा हैं उसे वक्त को हराते
मैंने देखा हैं उसे वक्त को हराते आशमा झुकाते गुथियाँ सुलझाते कठिन मार्ग में रास्ता बनते मैंने देखा हैं उसे लहरों पे आशिया बनात�
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भारत के वीर हैं डरेंगे नहीं हम
क्या दुख है कैसा है गम भारत के वीर हैं डरेगी नहीं हम मिला कर चलो कदम से कदम आंखें ना करो तुम नाम पूजा एक टुकड़ी हजारों इस काया की होगी नह
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चूड़ियां और लड़कियां
चूड़ियां और लडकियां चूड़ियां और लड़कियां, एक अनूठी कहानी, जैसे चंद्रमा की छाँव, बिखेरे रंगों की जवानी। चूड़ियां सजी, हाथों में खिल�
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सफ़लता की नींव
नज़र और नज़रिया नज़र और नज़रिया दो ऐसे शब्द हैं जो हमारे जीवन में गहरी संवेदनाओं और सफ़लता की नींव रखते हैं। ये शब्द व्यापार, साहित्य
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बदनाम बाद में करना,
बदनाम बाद में करना, पहले नाम तो होने दो। बिरोद्ध बाद में करना, पहले हिन्दू राष्ट्र तो बनने दो।।।
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हरियाली ही कुदरत थी रिश्तों से भरी थी
हरियाली ही कुदरत थी, रिश्तों से भरी थी। यूं चले गए परिंदे सभी, यूं पेड़ सुख चले।। -मोती
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पढ़ने वाली कुर्सी
नमस्ते दोस्तों 🙏🙏 दोस्तों ! मैंने आज की कहानी का शीर्षक रखा है ...." पढ़ने वाली कुर्सी "! पलक का आज बर्थडे था । वो सुबह से तैयार थी । अपन�
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प्यार किसी और से
तुझे प्यार है किसी और से और हम हैं कि तुमको चाहते ए भुल है हमारी सनम जो सब कुछ हमारा तुमको है मानते समझता तो है सब कुछ लेकिन दिल मानता
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