"अस्पताल"
"अजीब-सी रात है,ये अस्पताल की कहीं खुशियों का महौल तो,कहीं अजीब-सी शांति है,तो कहीं गमगीन हैं आँखें,तो कहीं सिसकने की आवाज है,इ� read more >>
बह भी ना पाए, रह भी ना पाए
ए आंसू गम के, किसी को कह भी ना पाए
बहुत जुल्म किया मुझ पे
तरसाया बहुत
दुख दिए आंसू दिए
इससे आगे अब कुछ भी सह ना � read more >>