हमें जिस-
सूर की तलाश है,
वह तो रूह की आवाज है..
वह तो राज है-
गैब-ए-इल्म कि आवाज है..
मेरी खुद-
की आवाज है वो ईश,
का नाम है ईश्वर ने पुकारा ह read more >>
जीवन की-
धारा में बहता गया,,
कुछ इस-
तरह से बहता चला गया,
उस जहां में छलकते जाम
अमृत रस से भरे पड़े थे मैं
परमानंद के आगोश में था..!!
-मोती read more >>