खेल खेल मे कूद गा भईया, टूट गा चारपाई भईया
देखा ज़ब मै ज़ब उसको यार, खत्म हुआ सारा प्यार
नोच नोच के रख दिया यारा, बुरा हुआ सब कुछ मेरा यारा
न read more >>
फ़टे मटमले कपड़े उनके, तन का वस्त्र भी है ना इनके
दिन-रात का ना ठिकाना, ठीक से हो ना खाना-पाना
बच्चे के लिए वो अड़ जाता, रिक्शे पे जिंदगी सड़ ज read more >>
ऐ बसंती पवन तू क्यू बार बार उसकी खुस्बू की बहार लेकर आती है , क्या तुझे पता नहीं है कि अब मै उस खुसबू को भूलने की कोशिश कर रहा हूं , तू क्यू read more >>