की अब वो अपने फुरसत के लम्हों में हमें याद करते हैं..
मिलना तो मुमकिन नहीं होता तो बस फोन पे बात करते हैं,
हमसे कहते हैं की वो अपने कामों � read more >>
सरहदे ,बंदिश बनी है।
आज,तब - जब
निभानी थी। मुझे, एक रस्म ,
संसार की,
जो जोड़ देगी ,किसी दिल से
मुझे
अभी ,कुछ है ।
जिन्दा बची, ,ख्वाईशे मे� read more >>