*मेरी डायरी*
सरिता के विवाह की तैयारी जोरो - शोरों से चल रही थी... मेहमान आ गये थे... घर में बहुत रौनक थी... पर पिताजी का तो दिल बैठा जा रहा था read more >>
*कांटों वाले गुलाब*
रात के साढ़े ग्यारह बज रहे थे उसका फ़ोन आया "हेल्लो" किसी ने फुसफुसा - हट भरे शब्दों में कहा।
"हाँ, बोलो" उसने भी धीमे� read more >>
...हमेशा एक प्रश्न-
की तरह जिंदा रहता हूं,,
... ख़ुद से-
ख़फ़ा हूं मैं जानता हूं,
अब कभी उत्तर नहीं मिलेगा,,
...दिल में-
रखता हूं.. आपको,
तुम्ह read more >>