(मुक्तक छंद)
पहले जैसे अब कहां, प्यारे प्यारे लोग।
लगे हुए सब होड़ में,और बढ़े नव रोग।
संकट में ही सब दिखे,उमस भड़ी है बात_
अपना अपना सब क read more >>
टुट, कर मे बिखरा जमीं पर
कहदो,
आसमाँ से, टुटे दिल की मेरे,
वो प्यास बुझाऐ।
ऐसा,क्या करू, के तुझे फिर मेरी मुहोबत
याद,आ,जाऐ .....३२
देखता हु� read more >>
तुने,मेरे दिल का, क्यो ,
एसे सौदा किया ?
एक पल मे ही तुने, .......
मुझे , पराया कर दिया। ३२
डर नहीं तुझको ,अब, खुदाई का।
बेबफाई है। तेरा है, अब म� read more >>