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न जाने क्यों-दिल हकीकत से दूर भागता है
आजकल ना जाने क्यों ? दिल में हकीकत, और उम्मीद. पर एक जंग जारी है l दिल हकीकत से दूर भागता है। कुछ झूठी उम्मीदों की आशा करता है। आशा ,निराश�
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तूफान- सफलता का रोड़ा मत बन
तूफान तुम समझे क्या आपको बस तू ही महान है इस दुनिया में किसी का घर उजड़े किसी की खटिया उड़े बस इसी में सुख है तेरा किसी की दुनिया क�
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साहस ही सामर्थ्य है-साधन बस श्रृंगार
(मुक्तक छंद) साहस ही सामर्थ्य है, साधन बस श्रृंगार। बने विजेता जंग का,दुश्मन को दे हार। दुनिया में तूती बजे, प्रजा करे सब वाह_ मन मिजाज �
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सोच का दायरा- सर्वदा ही हमें बड़ा रखना चाहिए
सोच का दायरा सर्वदा ही हमें बड़ा रखना चाहिए, परिवार से निकलकर समाज_देश के लिए आना चाहिए, अधिक से अधिक हमें भलाई करते रहना चाहिए, अपने आ�
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समय का सदुपयोग करते हुए हमें आगे बढ़ना चाहिए
समय का सदुपयोग करते हुए हमे आगे बढ़ना चाहिए, प्रेम से अनमोल जीवन को सौरभ मय करना चाहिए, चमक अपना फैलाकर चमकना ही चाहिए जग में, मरकर भी ह�
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संस्कार की सजाई पोशाक को पहनकर
संस्कार की सजाई पोशाक को पहनकर हमें, सद्गुणों को अपनाकर कल्याणकारी कार्य कर, अपने आप का भलाई खुद से करना चाहिए अवश्य, और इस जीवन को चरि
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कर्म की आग को जलाए -वीर है बढ़ता
कर्म की आग को जलाए वीर है बढ़ता, अपने मंजिल के लिए आसमान पर चढ़ता, दकियानूसी में कभी भी नहीं है फसता, अपनों के लिए सदा ही वह वीर है मरता।
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बड़ा मजा आता है जब किसी गुलशन में-रंग_बिरंग फूल एक साथ रहते हैं
बड़ा मज़ा आता है जब किसी गुलशन में, रंग_बिरंग फूल एक साथ रहते हैं लहराते। वैसे ही परिवार भी अपना फूलों का बगिया, सारे सदस्य हैं रंग_बिर�
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अपने परिवार के लिए स्वयं का सुख अर्पित
तन समर्पित_मन समर्पित_जीवन समर्पित, अपने परिवार के लिए स्वयं का सुख अर्पित। अच्छे संस्कार से परिवार में खुशी है आती, समाज में फिर सबक�
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नहीं रहा मेरा दिल मेरे वश में-गुमसुम सा बैठा था बस में
दूर तक निगाह थी, दिखती नहीं राह थी। गुमसुम सा बैठा था बस में। बलखा के बस हुई खड़ी, लहरा के वो चढ़ी। नजर क्या लड़ी, नहीं रहा मेरा दिल मे
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टूटा दिल फिर मेरा-होगा कब आखिर सबेरा
टूटा दिल फिर मेरा, होगा कब आखिर सबेरा। अंधेरे ही फैले है चारों तरफ, बन गए आँखों के मोती बरफ। होगा कहाँ मुसाफिर बसेरा, टूटा दिल फिर म�
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आँखों के आँसू की उपहार लाये हैं-तेरे लिए ये सावन की बहार लाये हैं
आँखों के आँसू की, उपहार लाये हैं। तेरे लिए ये सावन की, बहार लाये हैं।। हमारी जिंदगी बरबाद है, तू अब भी याद है। सोचता हूँ जब तुझे, ये
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