[email protected]
Join Us:
Home
Category
कहानियाँ
कविताएँ
ग़ज़ल
गीत
शायरी
आलेख
महत्वपूर्ण सूचनाएँ
Topic
धार्मिक
राजनितिक
प्यार-महोब्बत
हास्य-व्यंग
बाल-साहित्य
समाजिक
देश-प्रेम
दुःखद
साहित्य लाइव सूचनाएँ
अन्य
Videos
Others
Search Articles
Latest Updates
Popular Articles
Testimonials
Video Tutorials
Winner List
How to publish articles
My Account
Login
Register New Account
Forgot Password
Login
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक
20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका
साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस
साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें
Latest Updates
Home
Category
Latest Updates
मानवता का लोप है-ऐसा कैसे हो गया लूट गए परिवार
#विधा:_मुक्तक छंद #"सृजन समीक्षार्थ प्रस्तुत" ऐसा कैसे हो गया,लूट गए परिवार। संशय में ही सब रहे,भूल गए सब प्यार। लिप्त सभी हैं पाप में,ब�
read more >>
धर्म घटे हैं आज-नहीं रहा संतोष हुआ सबकुछ अब पैसा
#विधा:_रोला छंद #"सृजन समीक्षार्थ प्रस्तुत" धर्म घटे हैं आज,हुआ क्यों कर अब ऐसा। नहीं रहा संतोष,हुआ सबकुछ अब पैसा।। बिकता है प्यार,सर्व
read more >>
भूल गए सब प्यार-ऐसा कैसे हो गया लूट गए परिवार
#विधा:_कुंडलिया छंद #"सृजन समीक्षार्थ प्रस्तुत" ऐसा कैसे हो गया,लूट गए परिवार। संशय में ही सब रहे,भूल गए सब प्यार।। भूल गए सब प्यार,डाह
read more >>
ऐसा कैसे हो गया-उनको यूं तकरार
#विधा:_दोहा छंद #"सृजन समीक्षार्थ प्रस्तुत" ऐसा कैसे हो गया,उनको यूं तकरार। पर वो तो थे अति भले,नहीं मिला क्यों प्यार।। ऐसा कैसे हो गया
read more >>
देश सेवा का प्रण-यदि में शहीद हो भी जाऊँ
मैं छोड़कर जा रहा हूँ अपना गाँव संभाल के रखना मेरे गाँव वासी मैं जरूर लौटकर आऊँगा एक दिन बनकर देश का सच्चा सिपाही यदि में शहीद हो भी ज�
read more >>
ए-गुईया रे झूलना ए-झूल-गुईया रे ओ मोरे गुईया रे
ए-गुईया- रे गुईया रे ओ मोरे गुईया रे, झूलना ए-झूल- गुईया रे ओ मोर गुईया रे,, चाल लहकदार नजर- ए- झूलेला ओ मोर गुईया रे, रूप रंग तोर दिल- बस�
read more >>
सफ़ेद पोश-आये हैं कुछ सफेद पोश आज हमारे गांव में
सफ़ेद पोश आये हैं कुछ सफेद पोश आज हमारे गांव में मांग रहे लोटे में पानी बैठे नीम के छांव में एक नहीं हैं दो नहीं हैं दस के दस हैं साथ �
read more >>
मेहमान-बिन बुलाएं मेहमानों से बचाएं अपनी जान
बिन बुलाएं मेहमानों से बचाएं अपनी जान, मृत्यु बीमारी कर्ज़ा चिंता दुश्मनी बेरोजगारी गरीबी आदि है इनका नाम। ऊपर वाले का सुबह शाम नही�
read more >>
सफलता मेहनत करने वालों को मिलती है - शांति से हाथ पे हाथ रखके बैठने वालो को नहीं
1 फूलों फूलने पे सुंगध देती है मुरझाने पे नहीं सफलता मेहनत करने वालों को मिलती है - शांति से हाथ पे हाथ रखके बैठने वालो को नहीं 2 तुम्हे�
read more >>
क्षत्रिय धर्म -के विपरीत आचरण करते हैं वे मर्यादित क्षत्रिय नही हैं
श्री कृष्ण कहते हैं, हे अर्जुन -तू धर्म युक्त संग्राम को नही करेगा,तो स्वधर्म व कीर्ति को त्याग कर पाप को प्राप्त होगा,इनसे जाना जाता है
read more >>
कह ना पाये-कहने का मौका तो दिया था तुने मगर
कहने का मौका तो दिया था तुने मगर हम कुछ कह ना पाये। ये उलक्षन है अपनी ही अब किसे क्या समझाये। कहना था तुमसे बहुत कुछ अफसोस हम कुछ कह ना�
read more >>
अंदाज वही है-डरते तो हम कल भी नहीं थे
डरते तो हम कल भी नहीं थे और आज भी नहीं है बस कुछ जिम्मेदारियां हैं साहब वरना तो अंदाज वही है ज्योति यादव के कलम से ✍️
read more >>
« Previous
Next »
Showing
4165
to
4176
of
17320
results
‹
1
2
...
345
346
347
348
349
350
351
...
1443
1444
›
Join Us:
© 2026 |
Sahity Live
®
| All Right Reserved.
A product of
DishaLive™ Group
| Digital Partner:
MyDL.in Website Builder