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गांव में बीते बचपन का , मुझे स्वप्न दिखाई देता है | अपने गांव का वो प्यारा,मुझे द्रश्य दिखाई देता है || कांव -कांव कौवों की ,हमको सुबह सु� read more >>
नारी नही नारायणी है –नारायण की अर्धांगनी है। हे नारी तेरे रूप अनेको,तू ही माई तू जग में अवतारी है। कितनी करुणा कितनी ममता,सारा जीवन read more >>
चुनाव आ गया निगाहे प्यार के रंग में सराबोर है | कोई गरीब न हो जमाने से मारा संग खड़े बड़जोर है|| जागते में देखा है मैंने, स्वप्न सी एक दुन� read more >>
प्रेम का तन से कैसा नाता ! प्रेम की है ये कैसी भाषा !! प्रेम बिछोह है, प्रेम मिलन है ! प्रेम अगन है, प्रेम लगन है !! प्रेम सुरों की इक धड़क� read more >>
कागज की नाव और कलम का पतवार जिसने इसे अपनाया उसे जाना संसार ऐसे महान कवि भारतेन्दु जी का दिल से करता हू जय जय कार भारतेन्दु हरिश्चन्द read more >>
तेरे इश्क ने हमें गुमराह कर दिया तुने दिल में ऐसा जख्म भर दिया हमें क्या हम तो आशिक ही तेरे थे इसलिए तुने हमें बेगुनाह शाबित कर दिया read more >>
प्रारम्भ की कहानी बहुत पुरानी बात है। धारा नगरी में गंधर्वसेना नाम का एक राजा राज करते थे। उसके चार रानियाँ थीं। उनके छ: लड़के थे जो स� read more >>
खुशी देकर जाऊंगी तो रो रो के फरियाद करोगे सारी दुनिया से लड़ कर मुझसे मिलने की फरियाद करोगे दुनिया के सारे बंधन तोड़ के तुम फिर अपन� read more >>
मैं रोज तुम्हें दिल से याद करती हूं तुम इसे स्वीकार करो ना करो कई काम है जीवन में मेरे पर मेरी यादों में तुम ही समाए हो तुम इसे स्वीका read more >>
ज़मीन पर यह चलते हैं ! आसमानी बातें करते हैं !! अल्फाज़ो में रखते दम हैं ! बेशक नंग हैं !! देश की शान हैं ! चाहे कितने ही बदनाम हैं !! खुद्दा read more >>
अंदाज ए ज़िंदगी बदल जाऊँगा ! रूहों में सबकी उतर जाऊँगा !! लेखनि में सांसे डाल जाऊँगा ! मरकर भी धड़कन छोड़ जाऊँगा !! कलम ए ज़िंदगी से कह ज� read more >>
मन तो मन है, कैसे इसे टोकूं मैं ? रो रहा है हर समां, प्रिय कैसे आंसू रोकूं मैं ? आना था, मुन्ने के नामकरण जश्न में। पहले ही आ गए, लिपट तिरंग read more >>
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