वादे जितने करता था सारे आज निभाता हूँ।
तब जाकर थोड़ा सम्मान, मैं अर्द्धांगिनी से पाता हूँ।।
सात वचन लिए थे हमने सत्तर जैसे लगते � read more >>
बस अब गीत नहीं लिखने हैं-
"""”""""""""""""""""""""""""""""""
- एक गीत आपकी समीक्षार्थ-
read more >>
कवित्त रामायण-(महाकाव्य)
""""""""""""""""""""""""""""""""""
रावण द्वारा जानकी को अशोक वा� read more >>
कुछ कहना हे दिलको मेरे सुनने वाले नही,
खाली हे दीलकी जमीन फुल खिलने वाले नही,
रो़–रो कर आँखे अब आंसु नही खुन बहाने लगे,
यहाँ प्यस को प� read more >>