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Writer by iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
तुम जिंदा हो बस यही काफी है जो मर गए है।उसने कौन सा इतिहास लिख रखा है।
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Writer by iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
मां मैं तुझे जिंदगी तो नही लौटा सकता हूं।लेकिन जबतक जिंदा रहूंगा तेरे लिए अपनी जिंदगी गिरवी रख दूंगा।
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Writer by iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
मैं बुरा नही हूं साहब तुम्हारी नियत में जहर घोल रखा है।
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Writer by iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
हक बात बोल बेटा सच बोलने वाले लोग मर गए है।
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Writer by iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
कौन कहता है की लोग धर्म का घोल नही पी रखा है।क्योंकि यहां दान भी करते है तो धर्म देखा करते है।
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Writer by iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
शर्म करना छोड़ो शाहब अब हया भी किस के पास है।क्योंकि जब हया ही नही रहा तो शर्म क्या करेंगे।
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एक नई शुरुआत
चलो आज फिर एक नई शुरुआत करते हैं कुछ बातें हो गई है पुरानी आज हम मिलकर एक नई बात करते है जब कोई दिल दु:खाए उस दुःख को दूर करने की बात क�
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वृक्ष हमारे सच्चे मित्र
कविता का शीर्षक- वृक्ष हमारे सच्चे मित्र हे! मानव तुम मुझे मत काटो, बदन को टुकड़ों में मत बांटो। महसूस करता हूं दुःख दर्दों को, कोमल श�
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अतीत को खुद से अलग रखें
अतीत को खुद से अलग रखो जो मिल रहा है जीवन में सबक रखो हर कोई यहां नसीहत सलाह का ज्ञानी है तुम बस ख़ुद पर ही अपनी नज़र रखो उजाले से तो म�
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Writer by iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
जिसे लोग जोकर समझ रहे है। उन्हें बता दूं ताश के 52 पत्तों में जोकर के बिना बादशाह का कोई वजूद नहीं ही।
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Writer by iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
मांओं की मोहब्बत को ठोकर मार कर,किसी अजनबी के मोहब्बत का गुलाम बने हुए हो।
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Writer by iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
मैं बुरा ही सही हूं शाहब तुमने सही होकर क्या उखाड़ लिया है।
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