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हाँ बात सच है परेशान हूं मै, बदलते देख जिंदगी के रंग हैरान हूं मै। क्या यही बदलाव है जो आदमी के जीने का तरीका ही बदल दे, भला इन्हे क्या ह� read more >>
चाहिए आसमान या धरती एक ना हो। पर प्यार मोहब्बत हेमशा बरकरार रहती हैं। read more >>
अपनी इस तकदीर पर हरपल भरोसा न करो । क्या है इस तकदीर मे और क्या अभी आगे लिखा।। read more >>
किरदारे मुबारक मेरे लिवास मे नही । कुछ लोग अच्छे कपड़ो मे भी बदलिहाज़ है।। read more >>
लोग खुद को बदल नही पाते है।लेकिन Creature को बदलने की सब की तमन्ना रहती है। read more >>
हकीकत आरजू है कि अब बड़े को छोटे से सलाम नही और छोटे को बड़ों से सलाम नही।लेकिन खुदा बने दोनों की तमन्ना है। read more >>
अब दीनदार भी बन जाऊं तो अच्छे लोग ही मुझ में ऐब ढूंढने लग जायेंगे। read more >>
मेरे तकलीफ में हर वो लोग जिम्मेवार है जो मुझे कहते ते थे मेरी आखरी उम्मीद तुम हो। read more >>
शाम देख कर मन ललचाया घर से बाहर जाने को, वृक्ष गणों की महक उड़ चली आसमान अपनाने को । घर से बाहर निकला तो दिखी खूब हरियाली थी , आसमान था � read more >>
शीर्षक (सुबह) मेरे अल्फ़ाज़ (सचिन कुमार सोनकर) रात्री कर पहरा खत्म होने को है,एक नई सुबह होने को है। प्रातः काल की बेला है आयी, दृश्य मनोरम read more >>
सन, सन सन्ननन झम्मर झम्मर झम, झप्पर - झप्पर आवाज़ों में! बनत्ती है खादी ज़ो बना स्वाधिनत्ता, का मुल त्तंत्र हर वादों में!! हर प� read more >>
जरा इक बात बाताओ तुम हार गये क्या सांस तो चल रही है पर अपने को जिंदा मार गये क्या। हाँ माना तुमने चोंट बहुत खा ली है जी read more >>
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