एक स्कूल की एक ही क्लास में पढ़ने वाले काफ़ी बच्चे थे । उनमें दो दोस्त थे, उनमें से एक था बलविंदर (बल्ली) जो पढ़ाई में बहुत होशियार था हर � read more >>
अक्सर याद आ जाता हैं वो बीता हुआ ज़माना,
तेरी प्यारी सी आवाज़ में भाई भाई बुलाना..!
वो स्कूल के लिए सुबह सुबह मुझको जगाना,
अब क्या करे बह� read more >>
पेड़ों का जीवन जैसे
मानव का जीवन ‌।
जब पेड़ों से पते
गिरने लगते हैं, तो
वह धिरे-धिरे अपने
वृद्धा अवस्था में
आने लगता है ।
और उनकी मृत� read more >>
बेटी अपनी मां से कहती है.... ये दिखवा क्यूं मां मेरे साथ माँ? मुझे घर की लक्ष्मी कहते हैं, देवी कहते हैं ना जाने क्या-क्या कहते हैं फिर मुझे read more >>