शाईरी ,नम्बर 23
अरे जनाब आज-कल अपना भाई भी अपने भाई से घिन करने लगा हैं? और गेरो से मोहब्बत करने लगा हैं?
अरे जनाब आज-कल अपना भाई भी अपने भ� read more >>
शायरी: , नम्बर 22
ऐ बिगड़े हुए आषिको यह बैहपना मोहब्बत का खेल
मत खेला करो ? 4) से बिगड़े हुऐ आषिको यह बैहपना मोहब्बत का खेल मत खेला कुरो ?
क्� read more >>
शाईरी -नम्बर 18
गमलें में खिलते हैं! गुलाब के फुल यह सबी को पता हैं। मेरा जान ! 'अरे गमले में खिलतें हैं। गुलाब के जो यह सबी को पता हैं। मेर� read more >>