Pooja Singh 30 Mar 2023 ग़ज़ल प्यार-महोब्बत #हर गीत परीशां है # हर गजल परीशां# पूजा सिंह की गजल #Google#Yahoo# Bing दिल को छू लेने वाली ग़ज़ल 43475 0 Hindi :: हिंदी
हर गीत परीशां है, हर ग़ज़ल परीशां। सीने में छुपाए हुए,हर गम को इंशां। चादर तो बहुत सी ओढ़ी,सो मैली हो गयी। अब कौन सी ओढ़ूं, जो चले लाख बरीशां । जन्नत में दु:खी बहुत हैं, और बहुत खुश मिजाज। किससे करूं मैं दोस्ती, है कौन नेक इंशां। तकदीर बनाता है तू,सुना है ऐ खुदा। दे दे तू सारे ग़म मुझे, बना दे नशीबां। स्वरचित लेखिका-पूजा सिंह"पूजा"