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भरी रही तेरी इफ्तार की थाली, पर जिसकी थाली रह गई थी खाली। उनकी भी फिक्र तुम कर लेना। अल्लाह की नेमत है तुझ पर भारी, कर ली है तूने पूरी ई read more >>
अपने लिए तो जीते हैं सब, पर दूसरों के लिए जीने का मजा कुछ और है। अपनी जुबान से तो हंसते हैं सारे, पर दूसरों की हंसी बन जाने का मजा कुछ और read more >>
ભલે બદલાય આ દુનિયા, જૂની વાતો નથી ભૂલવી, ગુજરાતી સાહિત્યની મીઠી એ યાદો નથી ભૂલવી. ​હશે તડકો ભલે આધુનિકતાનો ચારે બાજુ પણ, કવિઓના હૃદયન read more >>
अंत नहीं यह एक नई शुरुआत है, अनादि से यही अंत का रिवाज है। बेशक एक राह का अंत हुआ है, पर आगे राह अनंत है अथाह है। जैसे सागर में धारा का न� read more >>
નથી પૂજા, નથી અર્ચના, ફક્ત માણસ થવું અઘરું છે, બનીને દર્દ કોઈનું, કોઈનાં આંસુ લૂછવું અઘરું છે. ​મહેલ બાંધીને બેઠા છે અહીં લાખો યુગોથી � read more >>
!तुम वही हो! मेरे लिए तुम वही हो, मेरी प्रत्येक प्रभात का निःशब्द सुकून। मेरी संध्या की थमी हुई थकान का विश्राम, और मेरी रात्रि के एका� read more >>
बेशक चांद तारे तोड़ लाना मुमकिन नहीं है, पर हम कोशिश ही ना करें यह मुनासिब नहीं है।। read more >>
નરસિંહની એ કરતાલ વાગી, ભક્તિનો વહ્યો પ્રવાહ, મીરાંના એ પદોમાં રેલાયો, કૃષ્ણપ્રેમનો ઉત્સાહ. અખાના છપ્પાએ તોડ્યા, આડંબરના થર, પ્રેમાન� read more >>
हाॅं मैने देखा है, जिन्दगी तेरे रंग हजार! जन्नत पाकर जननी के गोद में, जब मेने आंखें खोली। मन्नत हुई पुर्ण गुरुजनों की दीक्षा में, read more >>
बचपन ही अच्छा था, हम बच्चे ही अच्छे थे। झूठ, फरेब ,नफरत से दूर थे हम, मन के हम सच्चे थे।। read more >>
અપેક્ષાના અંધારે હવે દીવો કરી તો જુઓ, તમે પોતે જ પથ્થરમાં નવો ચીલો કરી તો જુઓ. ​નજર મીંચીને બેઠા છો તમે જેની પ્રતીક્ષામાં, એ ખુદ પોતે � read more >>
ગામડાની ધૂળ ખંખેરી હવે શહેરી થઈ ગયા, જે હતા કાલે સાવ તળિયે, આજ શિખરી થઈ ગયા. ​બંગલાની એ દીવાલોમાં કેદ એવા થઈ ગયા, કે પાડોશી પણ હવે તો સા� read more >>
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