//... प्रियतम ...//
चाहत भरी मुस्कान ,
होठों पर सजाकर ,
वफा की महक ,
सांसो में बसा कर ,
बस जाए ,
मेरी भावनाओं में ,
कोई प्रियतम
तन्हा है यहां ,
मे read more >>
आरंभ हो चुका है अंत का
अनंत में जो व्याप्त है,
शंखनाद उल्लास है
जगी ये कैसी प्यास है,
भाव विभोर हो चुकी
हृदय में उठती टीस सी,
बस नयन छलक � read more >>