[email protected]
Join Us:
Home
Category
कहानियाँ
कविताएँ
ग़ज़ल
गीत
शायरी
आलेख
महत्वपूर्ण सूचनाएँ
Topic
धार्मिक
राजनितिक
प्यार-महोब्बत
हास्य-व्यंग
बाल-साहित्य
समाजिक
देश-प्रेम
दुःखद
साहित्य लाइव सूचनाएँ
अन्य
Videos
Others
Search Articles
Latest Updates
Popular Articles
Testimonials
Video Tutorials
Winner List
How to publish articles
My Account
Login
Register New Account
Forgot Password
Login
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक
20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका
साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस
साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें
कविताएँ
Home
Category
कविताएँ
आप
ख्यालों में आप सपनों में आप ख्वाबों में आप आप ही आप रहते हो मेरे दिल में आप हर ग़म को भुलाते हो आप हर पल हंसाते हो आप क्यों हो अच्छे इ�
read more >>
कबाड़िया
कविता- कबाड़िया ज्ञान गंगा में डुबकी नहीं लगाया, मैं बेबस,लाचार,निरक्षर,अनाड़ी। पढ़ता जिस पुस्तक के पन्नों को, गलियों में बटोर रहा ह
read more >>
युगारब्ध
कविता- युगारब्ध बीत गया आने वाला साल, नव युगादि का हो रहा उदय। शीतल होंगे शशि की किरणें, भू पर होगा सुकुमार सूर्योदय।। नाच उठेगी शकु�
read more >>
पलाश के फूल
कविता- पलाश के फूल बसंत ऋतु में खिल गया ब्रह्मावृक्ष, लाल,सफेद और पीले रंग के फूल। खेतों के मेढ़ में जंगल की आग जैसे, अर्धचंद्राकार,छो
read more >>
प्रेमिका गौरैया
कविता- प्रेमिका गौरैया फुदक-फुदक कर चलती हो, मानो चलती हो विश्व सुंदरी। उन्मुक्त गगन में उड़ती हो, जानु कोई परी,अप्सरा स्त्री।। सरस
read more >>
रंगों की होली
कविता- रंगों की होली आ तुझे प्रेम रंग में रंग दूं मेरी राधा डालूंगा रंग कभी थोड़ा कभी ज्यादा गोकुल की गलियों में धूम मची है नव गीतों
read more >>
अब करो तैयारी जीत की
कविता- अब करो तैयारी जीत की सोते हुए जन अब जाग जा, तुम छोड़ दो राहें प्रीत की। आ गया है परीक्षा की घड़ी, अब करो तैयारी जीत की।। याद कर प�
read more >>
चक्कर
चक्कर है साहब, पड़ ही जाता है। राई का बन जाता पहाड़, गढ़ी बन जाता है गढ़। पाठा का नाटा बन जाता, पहाड़ का बने कंकड़। मकड़ी फंसती मकड़ -जाल,
read more >>
जयति मां दुर्गा भवानी
कविता- जयति मां दुर्गा भवानी जयति मां दुर्गा भवानी, अष्ट बाहु सहस्त्र रूप धारिणी। रोग,शोक, पाप नाशिनी, असुर महिषासुर संहारणी।। काल,अ�
read more >>
श्रीराम
कविता- श्रीराम हे!रामचंद्र अयोध्या भूपति, पतित-पावन, दीन दयालु। वैदेही वल्लभ विश्व व्यापी, मर्यादा पुरुषोत्तम कृपालु।। नीति नियम
read more >>
वर्धमान
कविता का शीर्षक- वर्धमान संसारिक माया से विरक्त हुए अतिवीर। राज वैभव त्याग किया राजपुत्र वीर।। कठिन तपस्या से हासिल किया ज्ञान। सन
read more >>
जय हनुमान
कविता- जय हनुमान जय अमृतेश आशुतोष रुद्रावतार, पवनपुत्र,केसरी और अंजना लाल। विपुल बलशाली राम भक्त हनुमान, मंगल दिवस प्रगट हुए स्वरू�
read more >>
« Previous
Next »
Showing
5461
to
5472
of
7097
results
‹
1
2
...
453
454
455
456
457
458
459
...
591
592
›
Join Us:
© 2026 |
Sahity Live
®
| All Right Reserved.
A product of
DishaLive™ Group
| Digital Partner:
MyDL.in Website Builder