[email protected]
Join Us:
Home
Category
कहानियाँ
कविताएँ
ग़ज़ल
गीत
शायरी
आलेख
महत्वपूर्ण सूचनाएँ
Topic
धार्मिक
राजनितिक
प्यार-महोब्बत
हास्य-व्यंग
बाल-साहित्य
समाजिक
देश-प्रेम
दुःखद
साहित्य लाइव सूचनाएँ
अन्य
Videos
Others
Search Articles
Latest Updates
Popular Articles
Testimonials
Video Tutorials
Winner List
How to publish articles
My Account
Login
Register New Account
Forgot Password
Login
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक
20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका
साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस
साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें
कविताएँ
Home
Category
कविताएँ
परशुराम शिव भक्त
है वह पुरुष जो एक दिव्य आत्मा थे । थे वह इंसान का रूप जो परमात्मा थे ।। जो विष्णु के अवतारी थे । वे एक परशुधारी थे ।। राम जिनका बचपन का
read more >>
सुहागिन
मिट्टी हे। ये सुहाँगिन तेरे ख्वाब की , मै बाते नहीं करती । खुशबू है। ये कोई बीन खिले गुलाब की मे बाते नहीं करती । साँसो की डोर से, जुड
read more >>
भारत को एक बनाएंगे
शीर्षक - भारत को एक बनाएंगे संविधान कहेता है चींख कर हम सब एक समान हैं, विज्ञान कहेता वर्षों से सब में रूधिरा लाल हैं। एक ही जल, एक ही प
read more >>
मृत्यु से पहले मरना नहीं है
मृत्यु से पहले मरना नहीं है …. रात्रि कालिमा बाहुपाश में, है दिव्य दिवाकर को घेरे अंधियारों के पीछे पीछे बेबस दौड़ रहे सवेरे मन में रख �
read more >>
बचपन के दिन फिर आ जाएं
*बचपन के दिन* बचपन के दिन फिर आ जाएं काश!हम ऐसा कुछ कर पाऐं मां के आंचल में छुप जाएं उनकी लोरी फिर सुन पाएं प्यारी सी निंदिया ले पाएं स
read more >>
दर्द ये दिल की ज़ुबान
बहुत खुश देखा। हमने उन्हे उस दिन । जब वो अपने किसी, एक पूराने साथी से मिले। लगा रब से थी । आरजू यही । पर, रब ने,मन की मुराद अघूरी रख दी। म�
read more >>
रंग🎨(बाल नाट्य)
एक बार रंगों का झगड़ा हुआ कोई भी मानने को तैयार ही नहीं सभी एक दुसरे से कहते रहे, मैं हूँ सबसे महान पंचायत लगाई फिर बैठे सभी बोलने लगा �
read more >>
फिर भी दिल उदास है
फिर भी दिल उदास है। कोई भी बात नहीं, फिर भी दिल उदास है। ना कोई छूटा है, ना दिल टूटा है, लगे कोई बिछड़ा खास ह
read more >>
देहाड़ी मजदूर
खाना बंद लिए उन हाथों में दिन के उजाले जग चुके हैं एक भीड़ है जो तरस रही है एक काम की तलाश में वो काम को पाल सकता है उन नन्हे नन्हे कोप�
read more >>
सत्य चमकता है सितारों में कहीं
सत्य चमकता है सितारों में कहीं उसकी रोशनी बयां करती है है वजूद उसका आसमान में कहीं सत्य चमकता है सितारों में कहीं दूर होते सितारे जो �
read more >>
सोचा
एक दिन मैंने सोचा मै महलों की रानी होती जो मन करता वो खाती मेरे आगे पीछे दासीं होते मम्मी-पापा मेरे साथ होते मै घुमती बागों में खोई रह
read more >>
मैं वही हूं जो था कभी
मैं वही हूं जो था कभी था कभी मैं वही रहूंगा हालात बदले या वक्त सच कहता था सच कहूंगा..! बेख़ौफ़ था आसमान में आसमान से जुड़ा रहूंगा पर �
read more >>
« Previous
Next »
Showing
4225
to
4236
of
7097
results
‹
1
2
...
350
351
352
353
354
355
356
...
591
592
›
Join Us:
© 2026 |
Sahity Live
®
| All Right Reserved.
A product of
DishaLive™ Group
| Digital Partner:
MyDL.in Website Builder