[email protected]
Join Us:
Home
Category
कहानियाँ
कविताएँ
ग़ज़ल
गीत
शायरी
आलेख
महत्वपूर्ण सूचनाएँ
Topic
धार्मिक
राजनितिक
प्यार-महोब्बत
हास्य-व्यंग
बाल-साहित्य
समाजिक
देश-प्रेम
दुःखद
साहित्य लाइव सूचनाएँ
अन्य
Videos
Others
Search Articles
Latest Updates
Popular Articles
Testimonials
Video Tutorials
Winner List
How to publish articles
My Account
Login
Register New Account
Forgot Password
Login
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक
20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका
साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस
साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें
कविताएँ
Home
Category
कविताएँ
अंतिम दिन वनवास का होगा रावण अंत-खुशियाँ भारत वर्ष में करते जय जय संत
#विधा:_दोहा छंद #"सृजन समीक्षार्थ प्रस्तुत" अंतिम दिन वनवास का,होगा रावण अंत। खुशियाँ भारत वर्ष में,करते जय_जय संत।। अंतिम दिन वनवास �
read more >>
गरीबी ने सारे अरमानों को जला कर राख कर दिया-अपनों के भीड़ से सरेआम बाहर कर दिया
गरीबी ने सारे अरमानों को जला कर राख कर दिया, अपनों के भीड़ से सरेआम बाहर कर दिया। अपने ही समाज ने जिल्लत भरी जिंदगी है दी, जिंदगी की सा�
read more >>
विजयदशमी-दशम दिन मां की विदाई से आंखें सबकी नम होती है
आई मां दुर्गा सबके घर नौ दिनों के लिए नौ रूपों में अपना आशीष देने आई मां दुर्गा सबके घर.. करते हैं पूजा सभी भक्तजन अपने-अपने समर्थ अनुसा�
read more >>
आज रावण क्यों जलता है-उठता है विश्वास आज रावण जलने पर
आज रावण क्यों जलता है? हुए कई सौ साल मरे रावण को अब से जगह -जगह मर रहा आज भी रावण तब से रावण के संग मिटी बुराई जग की सारी अच्छाई की
read more >>
मैं मुसाफिर अपने जीवन का-जो राह है मैने स्वीकारा है
जीवन का जो राह है, मैने स्वीकारा है। जीवन में जो कुछ भी है, मेरा है मुझें प्यारा है। मीठी यादों सा बैहता, दिल में एक झरना सा हैं। मन के �
read more >>
चदाँ मामा-के यहाँ चलो न तुम्हे मुझे कुछ दिखलाना है
चदाँ मामा के यहाँ चलो न तुम्हे , मुझे कुछ दिखलाना है। कैसे है मेरे चदाँ मामा कैसे हैं उनके यहाँ के वासी बातें करेंगे उनसे जाने पे उनको
read more >>
पुष्प की अभिलाषा-चाह नहीं मैं सुर बाला के गहनों में
चाह नहीं मैं सुर बाला के गहनों में गूँथा जाऊं चाह नहीं प्रेमी माला बन विंध प्यारी को ललचाऊ। चाह नहीं सम्राटों
read more >>
पुष्प की अभिलाषा-चाह नहीं मैं सुर बाला के गहनों में
चाह नहीं मैं सुर बाला के गहनों में गूँथा जाऊं चाह नहीं प्रेमी माला बन विंध प्यारी को ललचाऊ। चाह नहीं सम्राटों के शव पर हे हर
read more >>
धर्म की अफीम-धर्म तो एक अफीम है राजे यहां तो रोज बजते है बाजे
धर्म तो एक अफीम है राजे यहां तो रोज बजते है बाजे किससे बोलूं गिरी है ऐसी उपर मेरे दुख की गाँजे शुद्र बनाकर मुझको तुमने है रेला खेती ख�
read more >>
बहुत दूर चले जाएंगे-तेरी जिंदगी से दर्द और तकलीफ होगी जरूर
बहुत दूर चले जाएंगे तेरी जिंदगी से माना कि दर्द और तकलीफ होगी जरूर पर जाना भी है जरूर सोचा ना था बिन तेरे जीना होगा अश्कों के समंदर म
read more >>
हम सबको नित ही मिले-माँ का प्यार दुलार
#विधा:_मुक्तक छंद #"सृजन समीक्षार्थ प्रस्तुत" हमसब को नित ही मिले,माँ का प्यार दुलार। नेक इरादा यदि रहे, जीवन हो गुलजार। लिए धर्म को सा�
read more >>
माँ का प्यार दुलार-सदा कायम रहता है
#विधा:_रोला छंद #"सृजन समीक्षार्थ प्रस्तुत" माँ का प्यार दुलार,सदा कायम रहता है। खुद पर हो विश्वास,उसे सबकुछ मिलता है। प्राण समर में या
read more >>
« Previous
Next »
Showing
1693
to
1704
of
6966
results
‹
1
2
...
139
140
141
142
143
144
145
...
580
581
›
Join Us:
© 2026 |
Sahity Live
®
| All Right Reserved.
A product of
DishaLive™ Group
| Digital Partner:
MyDL.in Website Builder