थोड़ी ही देर में, बना -बनाया काम,
बिगड़ जाता है।
सबसे आगे वाला,
पिछड़ जाता है।
थोड़ी ही देर में, जीतने वाला,
जाता है हार।
हारने वाले की,
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#विधा:_दोहा छंद
#"सृजन समीक्षार्थ प्रस्तुत"
मुझ पर यह अहसान कर, मुझ से कर ले प्यार।
और करो अधिकार भी, बनकर यूँ दिलदार।।
मन से मन को मेल क� read more >>