[email protected]
Join Us:
Home
Category
कहानियाँ
कविताएँ
ग़ज़ल
गीत
शायरी
आलेख
महत्वपूर्ण सूचनाएँ
Topic
धार्मिक
राजनितिक
प्यार-महोब्बत
हास्य-व्यंग
बाल-साहित्य
समाजिक
देश-प्रेम
दुःखद
साहित्य लाइव सूचनाएँ
अन्य
Videos
Others
Search Articles
Latest Updates
Popular Articles
Testimonials
Video Tutorials
Winner List
How to publish articles
My Account
Login
Register New Account
Forgot Password
Login
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक
20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका
साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस
साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें
कविताएँ
Home
Category
कविताएँ
श्री राम-भ्रमित मन कि व्याकुलता देख
भ्रमित मन कि व्याकुलता , देख , सिय , हट जाना क्या ? अभी वनवासी है। मर्यादा ,पुरूषोत्म श्री राम देख, हर एक ,वचन, पर्णय का आज निभाना क्या ?
read more >>
मेरे मन की पीर को-करो प्रेम सब देश से
(कुंडलिया छंद) मेरे मन की पीर को,समझो मेरे यार। करो प्रेम सब देश से,आपस में हो प्यार।। आपस में हो प्यार,वतन पे हम हैं मरते। बनूं धार तलव
read more >>
जाना सबको एक दिन-क्यों लड़ते हो यार
(दोहा छंद) जाना सबको एक दिन,क्यों लड़ते हो यार। जाएगा सब छोड़ कर,जीवन है उपहार ।। जाना सबको एक दिन,कर लो सबसे प्यार। याद करे संसा�
read more >>
झोळी-फाटकी झोळी दारी आली कामा पूर्ती मामा झाली
फाटकी झोळी दारी आली, कामा पूर्ती मामा झाली . चोर चोर बग कोण? सरकार आली, सरकार आली . मी नाही देश प्रेमी , आहे सैनिक पुजारी, कारण देशाला खाणा
read more >>
मुलींचं आयुष्य असच असत-भिंतकावर भाजलेल्या पोळी प्रमाणे
असतो हाताचा फोड , तो काचेचा भांडा नाजुक हातानी हाताळाव लागत , मुलीनच आयुष्य असच असत. सोन्याचा दागिना तो मोलाचा खडा, सांभाळल नाही तर चो
read more >>
असावी सात एका भावाची-बहिणीची रात एक विसाव्याची
असावी सात एका भावाची , बहिणीची रात एक विसाव्याची. असावी जान बहीण असते आई जणू भावाची, भावाची सात देणार सावली तो बापाची. कवी - समीर लांडे
read more >>
हरवल काही-जे मिळत नाही
हरवल काही जे मिळत नाही, स्वप्नांची वाट दिसत नाही. होय बरं चाललंय पण खर काय, दुसऱ्यांच्या वाटेवर जणू नग्न पाय . आपल कुणी दिसत नाही, हरवल
read more >>
नसेल येत तर शिकून-नाहीतर शिकवून घ्यावीत
डोळ्यातील पाण्याचं काय ते तर केव्हा ही येत , कधी रडताना तर कधी हस्ताना ही येत. मानस जपता आली तर जपून घ्यावीत, नसेल येत तर शिकून, नाहीतर �
read more >>
प्रत्येक रातीला तुझ्या-आठवणींची लाट येते
प्रत्येक रातीला तुझ्या , आठवणींची लाट येते. वहीच्या पानावर तुझ्याच , चेहऱ्याची छाप येते. स्पर्श त्या छापेचा , मला गगनात नेतो. तू नसता�
read more >>
छात्रावस्था-कुछ बरस तक कुछ समय तक हम साथ थे
कुछ बरस तक कुछ समय तक हम साथ थे । बटँ गये राह क्योंकि सबके मंजिल अलग - अलग थे। जो आसपास के थे
read more >>
अपनापन-जो छोड़ गये तुम को तुम क्यो उनको अपना कहते हो
आत्मीयता खोकर भी तुम अपना कहते हो । जो छोड़ गये तुम को तुम क्यो उनको अपना कहते हो । जिन्हें प्रेम नहीं ह�
read more >>
बाँट-जो एक जीवन भर अन्त समय में में बाँटा
पले बढ़े जिनके आगे जिनकी गोदी मे खेले क्या वस्तु है वे कोई जो उनको बाँटा जाता है। खण्ड - खण्ड हो जाता उर , जब द�
read more >>
« Previous
Next »
Showing
1393
to
1404
of
6966
results
‹
1
2
...
114
115
116
117
118
119
120
...
580
581
›
Join Us:
© 2026 |
Sahity Live
®
| All Right Reserved.
A product of
DishaLive™ Group
| Digital Partner:
MyDL.in Website Builder