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गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं
गणतंत्र दिवस मनाये, झण्डा फरायेगे, शान से तिरंगा फरायेगे, वीरों के गुन गायेगे.
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प्रेरणा स्रोत....
स्वस्थ मस्तिष्क में, अचल मन। और आत्मविश्वास, से भरा बुद्धि-विवेक।। आपके अंदर, अपार खुबियां हैं। संभावनाएं भरी पड़ीं है, आपका इंतजा�
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मर्यादा....
मर्यादा से- इंसान बनता है महान! मर्यादा- इंसान और, जानवर के- बीच का फर्क है।। मर्यादाओं में- बंध के रहना, इंसान को सबसे। मूल्यवान बना
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जीवन में शांति आ जाए अगर ?
जीवन में- शांति आ जाए अगर, चिंता चला जाए। हर दिल को- सुकून मिल जाए, जीवन में विवेक आ जाए।। जीवन में- शांति आ जाए अगर, शोक चला जाए। हर दिल
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अंतःकरण की गहराई में कोई तो रहता है ?....
अंतःकरण की गहराई में- कोई तो रहता है ? ये-रिश्ता क्या तालुकात है, लोग कहते हैं आत्मा है- जीवन है-प्राण है। हर नाता से अलग, हमसफ़र मेरा म�
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पूर्ण विजेता....
लक्ष्य के प्रति, दृढ़ता जिसमें है। वह पूर्ण विजेता होगा ही, यह प्रकृति ऐसे ही काम करती है।। -मोती
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जीवन में मुस्कुराहट....
सच्चाई की ही परीक्षा, हमेशा से होती आई है। जीवन में मुस्कुराहट भी, सच्चाई से ही मिलती है।। -मोती
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सच
हमारे देश में हो क्या रहा है। मानती हमारा देश धर्म प्ररायण देश इसका मतलब यह नहीं है। कि धर्म के नाम पर कुछ भी पाखण्ड किये जाये मुझे लगता
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श्रीराम के जीवन से क्या सीखा
श्रीराम के जीवन से सीख =) क्या हमने कभी अपने आप से पूछा कि हम दीवाली क्यों मनाते आ रहे है। और क्यों मनाते है। हम सब का जवाब लग-भग एक ही होगा
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रूबरू हो गए अब जलवा ए-नूर....
खुल गए हैं अब वो हर नजर, जाग उठी चित अब मेरे अंदर। भटका रहा मैं कई-कई जन्म, रूबरू हो गए अब जलवा ए-नूर।। -मोती
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इनायत है तुम्हारा ही ए-नाम....
अरमां में सज गई अब, मेरे चितवन की ऐ-नजर। बज उठी है दिल में साज, इनायत है तुम्हारा ही ए-नाम।। -मोती
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शहर में
आजकल न जाने क्यों शहर में मेरे दोस्तों से ज्यादा मेरे दुश्मनों की संख्या बढ़ गई हैl क्योंकि दोस्त मुझे याद नहीं करते .पर दुश्मन मेरी च�
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