Poonam Mishra 30 Mar 2023 आलेख समाजिक शहर में चर्चा का विषय 31865 0 Hindi :: हिंदी
आजकल न जाने क्यों शहर में मेरे दोस्तों से ज्यादा मेरे दुश्मनों की संख्या बढ़ गई हैl क्योंकि दोस्त मुझे याद नहीं करते .पर दुश्मन मेरी चर्चा करते करते थकते ही नहीं है l शहर में मेरी चर्चा बहुत जोरों से है लगता है मैंने कुछ ऐसा कर दिखाया जो आज भी लोगों के लिए एक स्वप्न सा हैl दोस्त मेरे बारे में सुनकर शांत से हो गए हैंl पता नहीं वक्त की कैसी हवा चल रही है. मैं अपने सपनों को साकार करती हुई नजर आ रही हूंl मेरी तो खुशी का ठिकाना ही नहीं है स्वरचित लेखिका पूनम मिश्रा