पादाकुलक छंद "राम महिमा"
सीता राम हृदय से बोलें।
सरस सुधा जीवन में घोलें।।
राम रसायन धारण कर लें।
भवसागर के संकट हर लें।।
आज समा� read more >>
बरवै छंद "शिव स्तुति"
सदा सजे शीतल शशि, इनके माथ।
सुरसरिता सर सोहे, ऐसो नाथ।।
सुचिता से सेवत सब, है संसार।
हे शिव शंकर संकट, सब संहा read more >>