बीक रहा है पानी,पवन बीक ना जाए
बिक गई है धरती, गगन बीक ना जाए
चांद पर बिकने लगे हैं, ज़मी
डर है कहीं सूरज की तपन बीक ना जाए
हर जगह बिकने ल read more >>
किसी-किस ने पारलेमैंट को हग-हग के सड़ा रखा है। हर एक गू की लेनड़ी को पारलेमैंट को का एम्पी बना रखा है। भारत देश के गदारों को नगे कर दो ना को� read more >>
शाईरी- देश, प्रेम
दिनांक 30-11-2022,
(बिस्मिल्लाह हिररमा निररहिम)
या अल्लहा. हु या रैमान तूमारी बरकत से तीस कलाम हम सभी भारत वासियो पे करदो � read more >>