Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें
छोटी सी जिंदगी दुख ज्यादा, क्यूंकि पाप करने बाला लोक ज्यादा! read more >>
अंधेरों में शाम की तलाश तेरी फिजाओं में गुमसूम सी आवाज तेरी मौजूद है, जिंदगी में सभी कैद हुऐ हम जंजिरो में अरमानों में रोशनी तेरी फि� read more >>
कविता -मन के मुलायम चल कर अपने जीवन पथ पर बदला समाज अपने बल पर निज प्यार लुटाया कर भरकर की राजनीति खूब चढ़ बढ़कर अर्पित है सुम� read more >>
भबिष्य के बारे मैं जो नहीं सोचता, बो बर्तमान मैं ही रह जाता है, बाद मैं आगे पश्चताप करने के अलाबा उसे कुछ प्राप्त नहीं होता है ! read more >>
मेरी गलीयों से गुजरी हवायें काली मेंघन बरसे भिंगे फिजाऐ कहते है, बन्दे सभी पंख मिले तो उड़ चले हम आसमान की ऊंचाई में, ईरादे टूटी हुई ब read more >>
कई वर्षों से देखा चला आ रहा हूँ उस पुराने बूढ़े वृक्ष को। कभी उस पर भी हरियाली थी। बैठे रहते थे उस पर बंदरों का समूह, गाते थे उसपर पंछियो read more >>
अब ऐसा बक्त आया' दिन बिताने से नहीं, दिन बीत जानेसे अच्छा लगता है जनाब! read more >>
वक्त के साथ नहीं वक्त का पहचान नहीं रहा वक्त कभी अकेला नहीं वक्त ठहेरता ही नहीं read more >>
अपने आप में ही खो जाना मेरा कभी हंसना तो कभी रो जाना मेरा कोरा कागज़ सा सादा सादा कभी रंग बिरंगी किताब हो जाना मेरा किस तरफ है सफ़र क� read more >>
कदमों मेरे छालै "जख्म दिल" के नहीं दिखाने वाले ये "दर्द "मेरा मुकद्दर.......तु क्या..........? नाम तेरा.... मेरे लब्जो मे... रहे .... ये..... नाम..... read more >>
जिंदगी का हाल पूछे कौन, किस्सा ही अजीब रही, जिसे ढंढने चला, उसने सफर छोड़ दिया| read more >>
खामोश थे ,शब्द उसके छाई थी! उदासी ,सी पास बैठ थे! हम भी, पर उसे ,पता नहीं ! ये क्या कोई दर्द था , या दिल्लगी तब से हम भी, ये ही सोच रहे है! read more >>
Join Us: